पंजीकरण संख्या: IV22/2025
हिन्दू धर्म के जरूरतमन्द लोगो के कन्याओ के विवाह में आर्थिक मदद करना । हिन्दू धर्म पर हो रहे अत्याचार से मुक्त कराना, कानूनी सुरक्षा दिलवाना एवं आर्थिक मदद करना । हिन्दू धर्म के महिला पुरूष युवा वर्ग के लोगो को रोजगार दिवालने में मदद करना । हिन्दू धर्म के निर्धन, असहाय महिला, पुरूष व बच्चो को सरकारी लाभ से वंचित लोगो को सरकारी लाभ दिलवाना । हिन्दू धर्म के अच्छे कथा वाचक के द्वारा भगवत कथा का आयोजन करना तथा सनातन हिन्दू धर्म को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक मदद करना व उनके लिए सामुहिक भण्डारा, वस्त्र, दक्षिणा आदि का प्रबन्ध करना । हिन्दू धर्म के लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना तथा उपचार हेतु आर्थिक मदद करवाना । हिन्दू धर्म के बच्चो को शिक्षा के लिए जागरूक करना तथा उनको उच्च शिक्षा दिलवाने में मदद करवाना । हिन्दू धर्म के असहाय व निर्धन लोगो को राशन, वस्त्र, कंबल आदि का व्यवस्था करवाना । हिन्दू धर्म में गौ माता की सेवा, सुरक्षा, चिकित्सा व गौशाला की व्यवस्था करवाना । हिन्दू धर्म के लोगो को निःशुल्क धार्मिक यात्रा करवाना तथा मंच सभा के माध्यम से जातिगत भेद-भाव को मिटाकर संगठित होने के लिए प्रेरित करना तथा विधवा, दिव्यांगजन, वृद्ध असहाय लोगो को स्थाई रुप से रहने व भोजन की व्यवस्था करना । हिन्दू धर्म के विकास के लिए पुस्तकालय, वाचनालय, व्यायाम शाला तथा प्राथमिक जूनियर हाईस्कूल, उच्च माध्यमिक, इण्टर एवं सी०बी०एस०ई० बोर्ड, आई०सी०एस०ई० बोर्ड, यू०पी० बोर्ड, महाविद्यालय, मेडिकल कालेज, स्वास्थ्य सेवा केन्द्र, हास्पीटल, नृत्य, गीत एवं संगीत, शिक्षण / प्रशिक्षण केन्द्र, सामाजिक शिक्षा केन्द्र, प्राविधिक शिक्षा केन्द्र, आवासीय विद्यालय, निराश्रित सेवा केन्द्र (अनाथालय), वृद्धालय, विकलांग केन्द्र, छात्रावास, पशु अस्पताल, गौशाला, सास्कृतिक केन्द्र, कूटिर उद्योग, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, कृषि विज्ञान शिक्षा केन्द्र आदि की स्थापना करना एवं संचालन करना । हिन्दू धर्म के होनहार प्रतिभाओ, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञो एवं उत्कृष्ट सेवाओ में इमानदार आधिकारियो, कर्मचारियो को उत्साह वर्धन के लिए नागरिक सम्मान व प्रशस्ति पत्र तथा पुरस्कार प्राप्त कराना । हिन्दू धर्म के लिए स्वयं सहायत गठन करना, बैंक से लिंकेज करना, ऋण उपलब्ध कराना, उन्हे कौशल प्रशिक्षण देकर, रोजगार, कूटिरउद्योग के लिए तैयार करवाना, उनके उत्पाद की मार्केटिग, बिक्री करवाना, आमदनी में बढोत्तरी करवाना, उन्हे हस्त निर्मित उत्पादो को बड़े माल/बाजार/हाट प्रदर्शनी मेलो में बिक्री हेतु पहुंचवाना । हिन्दू धर्म के विकास के लिए विशेषकर इन क्षेत्रो में जैसे भारत वर्ष के निरीह और जरूरतमंद बच्चो के लिए शिक्षा के व्यवस्था के लिए भारत के विभिन्न प्रान्तो में अपने उद्देश्यो के निहित भिन्न-भिन्न बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओ का संचालन करवाना एवं उनकी प्रबन्धक समिति का गठन करना तथा प्रबन्ध समितियाँ संस्था का संचालन करेगी । न्यास अपने स्वावलम्बन कार्यक्रम में. संचालन के लिए जनता, व्यापारीक प्रतिष्ठानो, जिला प्रशासन, राज्य सरकार, केंन्द्र सरकार एवं सरकार के अधीन विभिन्न मंत्रालयों व अर्न्तराष्ट्रीय एजेंसीयो से चन्दा, दान-अनुदान आदि सहायता प्राप्त करेगा। हिन्दू धर्म के निराश्रित एवं जरूरतमंदो की मदद करना, न्यास / ट्रस्ट द्वारा जरूरतमंदो को स्वः- रोजगार हेतु न्युनतम दर ऋण प्रदान करना व ग्राम्य स्तर पर उत्पादित वस्तुओ हस्तकला, शिल्पकला, सामग्रीयो (कताई-बुनाई, सिलाई-कढ़ाई) इत्यादि के निर्माण के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करना । ऊसर बंजर भूमि सुधार आदि सम्बन्धित कार्यक्रमो का संचालन करना । हिन्दू धर्म के विकास एवं जनकल्याण हेतु राज्य सरकार, भारत सरकार, के विभिन्न मंत्रालयो विभागो तथा सरकार के अन्तर्गत स्थापित नवरत्न कम्पनियो, एजेंसियों आदि के निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अन्तर्गत वित्तीय सहायता, चन्दा, ग्रान्ट प्राप्त कर शिक्षण कार्य, स्वास्थ्य कार्यक्रम, ग्रामीण विकास, जल प्रबन्धन, प्रशिक्षण केन्द्र, महिला कल्याण आदि कार्यक्रमो परियोजनाओ का संचालन करना । हिन्दू धर्म के लोगो के लिए घातक संक्रामक बीमारियो जैसे-टी०वी. एड्स, मलेरिया, कैंसर, मधुमेह, फाईलेरिया, पोलियो, हेपेटाइटिस आदि के प्रति लोगो को जागरूक करना एवं गरीब व असहाय व्यक्तियो की निःशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना । दैवीय आपदाओ, सूखा, बाढ़, अग्निकांड, भूकम्प से प्रभावित लोगो की सहायता करने का प्रयास करना, तथा समाजिक नीति व अधिकारिता के तहत नसा, उन्मूलन / तम्बाकू नियन्त्रण केन्द्र व अन्य कार्यक्रम का संचालन करना । हिन्दू धर्म के ग्रामीण किसानो, मजदूरो एवं कारीगरो को, ग्रामोद्योग सम्बंधी तकनीकि जानकारी दिलवाना तथा ग्रामोद्योग प्रशिक्षण दिलाकर उनमें आत्म विश्वास एवं स्वावलम्बन की भांवना जागृत करना एवं नुक्कड नाटको के द्वारा जागरूकता पहुँचवाना, फिल्म, डाक्यूमेन्ट्री पर प्रशिक्षण देना । प्रदूषण से पर्यावरण की रक्षा, स्वच्छता हेतु सबको जागरूक करना तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करवाना।